देखिए, महाराष्ट्र के MahaDBT पर पढ़ाई की मदद वाली राशि लेने वाले बहुत से विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी तब आती है, जब वेबसाइट में कोई बदलाव होने के बाद उनकी पुरानी जानकारी दिखाई नहीं देती। किसी के पुराने आवेदन का पता नहीं चलता, किसी की पहले की जानकारी खुलती नहीं है, तो किसी विद्यार्थी को यह परेशानी होती है कि उसकी अपनी प्रोफाइल ही बंद जैसी दिखाई दे रही है। ऐसी हालत में विद्यार्थी को समझ नहीं आता कि आखिर गलती कहां हुई है और किससे बात की जाए। कई बार विद्यार्थी बार-बार अपना आवेदन देखने की कोशिश करता रहता है, नया आवेदन भरने के बारे में सोचने लगता है या फिर कॉलेज जाकर अलग-अलग लोगों से पूछता रहता है। लेकिन अगर परेशानी वेबसाइट में हुए बदलाव के दौरान जानकारी आने-जाने से जुड़ी है, तो सबसे पहले सही जगह पर शिकायत करना ज्यादा जरूरी है।
अब MahaDBT पर Grievance and Suggestions System नाम से शिकायत और सुझाव देने की सुविधा शुरू की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर वेबसाइट में आपको ऐसी कोई परेशानी आ रही है जिसे आप खुद ठीक नहीं कर पा रहे हैं, तो उसके बारे में शिकायत दर्ज करने का रास्ता दिया गया है। खासकर उन विद्यार्थियों के लिए यह बात काम की है जिनका पुराना डाटा नए रूप में बदलाव के बाद दिखाई नहीं दे रहा है या जिनकी प्रोफाइल किसी वजह से बंद हो गई है। ऐसे मामले में केवल इंतजार करते रहना सही नहीं है। अपनी परेशानी साफ शब्दों में बताकर शिकायत दर्ज करना बेहतर रहेगा। इसके लिए नई मदद वाली सुविधा के साथ 022-49150800 नंबर भी दिया गया है, जहां से सहायता लेने की कोशिश की जा सकती है।
MahaDBT पर Grievance and Suggestions System क्या है और विद्यार्थियों के लिए इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
सीधी भाषा में समझें तो Grievance and Suggestions System ऐसी जगह है जहां विद्यार्थी अपनी परेशानी की शिकायत बता सकता है और जरूरत पड़ने पर सुझाव भी दे सकता है। मान लीजिए आपने पहले किसी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था और उस आवेदन से जुड़ी जानकारी आपके खाते में दिखाई देती थी। बाद में वेबसाइट में बदलाव हुआ और अब वही पुरानी जानकारी दिखाई नहीं दे रही। ऐसे समय पर विद्यार्थी के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि मेरा आवेदन मिट गया है या सिर्फ अभी दिखाई नहीं दे रहा है। इसी तरह अगर पहले से बनी आपकी प्रोफाइल अब खुल नहीं रही है या किसी कारण से बंद हो गई है, तो भी आपको अपनी परेशानी बताने के लिए एक जगह चाहिए। शिकायत वाली यह सुविधा इसी तरह की परेशानियों में काम आ सकती है।
यह बात समझना बहुत जरूरी है कि शिकायत दर्ज करने की सुविधा का मतलब यह नहीं है कि हर शिकायत का जवाब उसी समय मिल जाएगा या हर रुकी हुई रकम तुरंत खाते में भेज दी जाएगी। शिकायत देने का मतलब सबसे पहले अपनी परेशानी को सही जगह तक पहुंचाना है। उसके बाद संबंधित लोग आपके मामले को देखकर यह समझ सकते हैं कि दिक्कत कहां है और आगे क्या करना है। इसलिए शिकायत लिखते समय केवल इतना लिख देना कि “मेरा पैसा नहीं आया” हमेशा अच्छा तरीका नहीं होता। अगर आप साफ बताएंगे कि पहले आवेदन दिखाई देता था, बदलाव के बाद जानकारी नहीं दिख रही, प्रोफाइल खुल नहीं रही या आवेदन की पुरानी जानकारी गायब है, तो आपकी परेशानी समझना आसान होगा।
मेरी नजर में इस सुविधा की सबसे अच्छी बात यही है कि विद्यार्थी के पास अपनी परेशानी बताने का एक अलग रास्ता रहता है। इससे हर छोटी-बड़ी बात के लिए केवल कॉलेज के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब विद्यार्थी अपनी शिकायत सही जानकारी के साथ करेगा और शिकायत जमा करने के बाद उसका कोई निशान या पावती अपने पास रखेगा। अगर आगे चलकर कोई पूछताछ करनी पड़े, तो आपके पास यह बताने के लिए कुछ रहेगा कि आपने कब शिकायत की थी और किस परेशानी के बारे में शिकायत की थी।
अगर MahaDBT में पुराना डाटा नहीं दिख रहा है तो इसका क्या मतलब हो सकता है?
पुराना डाटा दिखाई नहीं देना देखकर तुरंत यह मान लेना सही नहीं है कि आपका आवेदन हमेशा के लिए मिट गया है। वेबसाइट में बड़ा बदलाव होने पर पुरानी जानकारी को नए तरीके से दिखाने में समय लग सकता है या किसी खाते में जानकारी सही तरह से दिखाई नहीं दे सकती है। खासकर उन विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी हो सकती है जिन्होंने पहले के समय में आवेदन किया था और अब उसी खाते में अपनी पुरानी जानकारी देखने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए पहले घबराने के बजाय यह देखना चाहिए कि आपकी प्रोफाइल खुल रही है या नहीं, आपका नाम और दूसरी जानकारी दिखाई दे रही है या नहीं और पुराने आवेदन से जुड़ी कोई जानकारी कहीं और उपलब्ध है या नहीं।
अगर आपने पहले आवेदन किया था और आपके पास उसकी कोई पावती, आवेदन संख्या, पुराने संदेश या जमा किए गए कागजों की जानकारी है, तो उसे संभालकर रखें। यह जानकारी बाद में शिकायत करते समय बहुत काम आ सकती है। मान लीजिए आपके पुराने आवेदन में छात्रवृत्ति का नाम, आवेदन संख्या और कॉलेज की जानकारी थी, लेकिन अब वेबसाइट पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा। ऐसी स्थिति में शिकायत करते समय इन चीजों का उल्लेख करना ज्यादा उपयोगी रहेगा। इससे सामने वाले को यह समझने में आसानी होगी कि समस्या केवल नई जानकारी भरने की नहीं बल्कि पहले से मौजूद जानकारी के दिखाई न देने की है।
यह भी ध्यान रखें कि किसी जानकारी का अभी दिखाई न देना और जानकारी पूरी तरह मिट जाना, दोनों अलग बातें हो सकती हैं। विद्यार्थी अक्सर पहली ही नजर में मान लेता है कि उसका पूरा आवेदन खत्म हो गया है। फिर वह नया आवेदन भर देता है या पुराना खाता छोड़कर दूसरा खाता बनाने की कोशिश करता है। ऐसा करने से पहले रुकना बेहतर है। पहले शिकायत करें, सहायता लें और फिर आगे का कदम उठाएं। खासकर छात्रवृत्ति जैसे मामले में एक ही विद्यार्थी की अलग-अलग जगह पर अलग जानकारी बन जाने से बाद में परेशानी और बढ़ सकती है।
अगर प्रोफाइल लॉक हो गई है तो विद्यार्थी को क्या करना चाहिए?
अगर आपकी प्रोफाइल खुल नहीं रही है या आपको लगता है कि प्रोफाइल बंद हो गई है, तो सबसे पहले यह समझने की कोशिश करें कि परेशानी केवल खुलने में है या खाते की जानकारी में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। कई बार विद्यार्थी पासवर्ड, मोबाइल नंबर या दूसरी जानकारी की वजह से भी खाते में नहीं जा पाता और उसे लगता है कि प्रोफाइल बंद कर दी गई है। इसलिए बिना जांच किए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। अगर सामान्य तरीके से खाते में जाना संभव नहीं हो रहा है और बार-बार कोशिश के बाद भी वही परेशानी आ रही है, तब शिकायत वाली सुविधा का इस्तेमाल करना सही रास्ता हो सकता है।
शिकायत में अपनी परेशानी बहुत सीधे तरीके से लिखें। उदाहरण के लिए अगर पहले आपका खाता खुल रहा था लेकिन अब नहीं खुल रहा, तो यही बात बताएं। अगर वेबसाइट में बदलाव के बाद से समस्या शुरू हुई है, तो यह भी बताएं। अगर आपके पुराने आवेदन की जानकारी पहले दिखाई देती थी और अब नहीं दिख रही है, तो उसे भी साफ लिखें। शिकायत जितनी साफ होगी, आपकी परेशानी समझना उतना आसान होगा। बहुत लंबी कहानी लिखने की जरूरत नहीं है, लेकिन जरूरी जानकारी छोड़नी भी नहीं चाहिए।
अगर शिकायत करते समय आवेदन संख्या, विद्यार्थी की पहचान से जुड़ी जरूरी जानकारी या कॉलेज का नाम मांगा जाए, तो वही जानकारी दें जो आपके पास सही रूप से मौजूद है। किसी दूसरे विद्यार्थी की जानकारी डालकर शिकायत न करें। गलत जानकारी डालने से आपकी परेशानी जल्दी ठीक होने के बजाय मामला और उलझ सकता है। अगर आपके पास पुराने आवेदन की कोई तस्वीर या पावती है और शिकायत वाली जगह पर उसे देने की सुविधा मिलती है, तो जरूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
MahaDBT पर शिकायत कैसे दर्ज करें? आसान तरीके से पूरी बात समझिए
शिकायत करने से पहले अपने पास अपनी जरूरी जानकारी रख लें। इसमें विद्यार्थी का नाम, आवेदन से जुड़ी जानकारी, कॉलेज का नाम, छात्रवृत्ति का नाम, आवेदन संख्या अगर उपलब्ध हो, पंजीकृत मोबाइल नंबर और समस्या से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारी शामिल हो सकती है। इसका कारण बहुत सीधा है। शिकायत करते समय अगर आपके पास कोई जानकारी नहीं होगी तो आपको बार-बार पुराने कागज या संदेश देखने पड़ सकते हैं। पहले से जानकारी तैयार रखने पर शिकायत करना आसान हो जाता है।
सबसे पहले MahaDBT की वेबसाइट पर जाएं और वहां शिकायत तथा सुझाव से जुड़ी सुविधा खोजें। वहां अगर Grievance and Suggestions System दिखाई दे रहा है, तो उसे खोलें। आगे वेबसाइट जो जानकारी मांगे, उसे ध्यान से भरें। जहां आपकी परेशानी लिखने के लिए जगह मिले, वहां केवल “पैसा नहीं आया” या “खाता बंद है” जैसी बहुत छोटी बात लिखने के बजाय पूरी समस्या दो-तीन साफ हिस्सों में बताएं। जैसे पहले आपका आवेदन दिखाई देता था, अब बदलाव के बाद दिखाई नहीं दे रहा है, या आपकी प्रोफाइल खुल नहीं रही है। इससे शिकायत पढ़ने वाले व्यक्ति को समस्या समझने में आसानी होगी।
शिकायत जमा करने से पहले एक बार सारी जानकारी दोबारा देख लें। खासकर मोबाइल नंबर, आवेदन संख्या और नाम में गलती न हो। अगर शिकायत जमा करने के बाद कोई शिकायत संख्या या पावती मिलती है, तो उसका चित्र लेकर अपने पास रख लें। उसे फोन में रखने के साथ अगर संभव हो तो कहीं लिखकर भी रख सकते हैं। आगे अगर आपको अपनी शिकायत के बारे में पूछना पड़े तो यही जानकारी आपके काम आएगी। बिना शिकायत संख्या के बाद में पुरानी शिकायत ढूंढना मुश्किल हो सकता है।
शिकायत लिखते समय क्या-क्या बताना चाहिए?
शिकायत लिखते समय सबसे जरूरी बात है कि सामने वाले को आपकी पूरी परेशानी एक बार पढ़ने में समझ आ जाए। इसके लिए शुरुआत में अपना मुख्य मुद्दा बताएं। फिर बताएं कि समस्या कब से आ रही है। इसके बाद बताएं कि पहले क्या दिखाई देता था और अब क्या नहीं दिखाई दे रहा। अंत में यह लिखें कि आप चाहते हैं कि आपकी पुरानी जानकारी देखी जाए और समस्या का सही हल बताया जाए। इस तरह लिखने पर शिकायत ज्यादा साफ और काम की बनती है।
मान लीजिए आपकी पुरानी छात्रवृत्ति का आवेदन पहले खाते में दिखाई देता था, लेकिन अब नहीं दिख रहा। ऐसी स्थिति में आप अपनी शिकायत में बता सकते हैं कि आपने पहले छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था, आपका आवेदन पहले खाते में दिखाई देता था, लेकिन वेबसाइट में बदलाव के बाद पुरानी जानकारी नहीं दिखाई दे रही है और इसी कारण आप अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति नहीं देख पा रहे हैं। अगर इसी वजह से राशि भी नहीं मिली है, तो वह बात भी साफ लिखें। इससे केवल पैसे की शिकायत नहीं रहेगी बल्कि पैसे रुकने के पीछे की परेशानी भी सामने आएगी।
इसी तरह अगर आपकी प्रोफाइल बंद हो गई है, तो यह लिखना बेहतर होगा कि आपकी प्रोफाइल पहले काम कर रही थी और अब उसमें जाने या जानकारी देखने में परेशानी आ रही है। अगर आपने पहले कई बार कोशिश की है और हर बार एक जैसी परेशानी आई है, तो वह भी बता सकते हैं। लेकिन शिकायत में गुस्से वाली भाषा, अपशब्द या बिना मतलब की लंबी बात लिखने से बचें। आपकी परेशानी जितनी साफ और सीधी होगी, उतना ही अच्छा रहेगा।
शिकायत करते समय आवेदन संख्या और पुराने कागज क्यों संभालकर रखें?
छात्रवृत्ति के मामले में पुरानी जानकारी बहुत काम की हो सकती है। कई विद्यार्थी आवेदन भरने के बाद उसकी पावती या आवेदन संख्या संभालकर नहीं रखते। बाद में जब कोई परेशानी आती है, तो वे पुराने आवेदन को ढूंढने लगते हैं। अगर वेबसाइट में भी पुरानी जानकारी दिखाई नहीं दे रही हो, तो परेशानी और बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपके पास पहले के आवेदन की कोई पावती, तस्वीर, संदेश या आवेदन संख्या मौजूद है, तो उसे हटाएं नहीं।
मान लीजिए आपने एक साल पहले छात्रवृत्ति का आवेदन किया था और उस समय आवेदन संख्या मिली थी। अब वेबसाइट में बदलाव के बाद वह आवेदन दिखाई नहीं दे रहा। अगर आपके पास आवेदन संख्या बची हुई है, तो शिकायत में उसका उल्लेख किया जा सकता है। इससे आपके मामले को पहचानने में मदद मिल सकती है। इसी तरह अगर कॉलेज से आवेदन से जुड़ा कोई कागज मिला था, तो उसे भी संभालकर रखें। हर कागज हर मामले में जरूरी नहीं होगा, लेकिन जब जरूरत पड़ती है तो पुरानी जानकारी बहुत काम आती है।
मेरी सलाह है कि छात्रवृत्ति का आवेदन जमा करने के बाद केवल मोबाइल में भरोसा न रखें। आवेदन संख्या और जरूरी जानकारी एक अलग जगह भी लिखकर रखें। मोबाइल खराब होने, संदेश हट जाने या खाता खुलने में परेशानी होने पर यही जानकारी काम आ सकती है। बहुत से विद्यार्थी समस्या आने के बाद जानकारी ढूंढते हैं, जबकि बेहतर तरीका यह है कि आवेदन के समय से ही जरूरी चीजें संभालकर रखी जाएं।
MahaDBT की नई शिकायत सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
सबसे पहले यह ध्यान रखें कि शिकायत में वही जानकारी दें जो सही है। अगर आपको किसी बात का पूरा भरोसा नहीं है, तो उसे पक्की बात की तरह न लिखें। उदाहरण के लिए अगर आपको लगता है कि आपका आवेदन मिट गया है, तो शिकायत में “मेरा आवेदन मिटा दिया गया है” लिखने के बजाय यह लिखना बेहतर है कि “मेरा पुराना आवेदन अब दिखाई नहीं दे रहा है।” दोनों बातों में फर्क है। पहली बात में आप कारण भी तय कर रहे हैं, जबकि दूसरी बात में आप केवल अपनी असली परेशानी बता रहे हैं।
दूसरी जरूरी बात यह है कि एक ही समस्या के लिए बार-बार अलग-अलग शिकायत भेजने से बचें। अगर आपने पहले ही शिकायत की है और उसकी संख्या मिली है, तो पहले उसी शिकायत के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करें। हर बार नई शिकायत भेजने से आपकी परेशानी जल्दी ठीक होगी, ऐसा जरूरी नहीं है। उल्टा एक ही मामले की कई शिकायतें होने से जानकारी बिखर सकती है और आपको खुद भी समझ नहीं आएगा कि किस शिकायत का जवाब देखना है।
तीसरी बात, अपनी शिकायत की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। खासकर अगर कोई फोन करके आपसे पासवर्ड, बैंक खाते की पूरी जानकारी, पैसे भेजने या किसी अजीब तरीके से खाते में जाने के लिए कहे तो सावधान रहें। छात्रवृत्ति से जुड़ी परेशानी का हल पाने के चक्कर में अपनी निजी जानकारी किसी को भी देना ठीक नहीं है। मदद लेते समय सही जगह का ही सहारा लें और 022-49150800 जैसे दिए गए सहायता नंबर का इस्तेमाल करें।
MahaDBT की हेल्पलाइन 022-49150800 किस काम आ सकती है?
MahaDBT की तरफ से सहायता के लिए 022-49150800 नंबर दिया गया है। अगर आपको वेबसाइट में शिकायत से जुड़ी सुविधा इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है या अपने मामले के बारे में सहायता चाहिए, तो इस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की जा सकती है। फोन करते समय अपने पास आवेदन से जुड़ी जरूरी जानकारी रखना समझदारी होगी। इससे बातचीत के दौरान आपको बार-बार पुराने कागज या जानकारी ढूंढने की जरूरत कम पड़ेगी।
फोन करने से पहले अपना नाम, आवेदन संख्या अगर उपलब्ध हो, कॉलेज का नाम, छात्रवृत्ति का नाम और परेशानी की छोटी सी साफ जानकारी तैयार रखें। अगर आपकी पुरानी जानकारी दिखाई नहीं दे रही है तो वही बताएं। अगर प्रोफाइल खुल नहीं रही है तो वही बताएं। अगर किसी खास संदेश की वजह से परेशानी आ रही है तो उस संदेश के शब्दों को ध्यान से देखकर बताएं। केवल यह कहने से कि “मेरा काम नहीं हो रहा” सामने वाले को पूरी परेशानी समझने में मुश्किल हो सकती है।
यह भी ध्यान रखें कि सहायता नंबर पर बात करने का मतलब यह नहीं है कि उसी समय आपकी रुकी हुई रकम मिल जाएगी। सहायता का काम आपको सही दिशा बताना और आपकी परेशानी समझने में मदद करना हो सकता है। अगर आपको आगे कॉलेज या किसी दूसरे स्तर पर संपर्क करने को कहा जाए, तो उस बात को लिखकर रख लें। फोन पर मिली जरूरी जानकारी को याद रखने के बजाय नोट कर लेना ज्यादा अच्छा रहता है।
अगर पुराना डाटा नहीं दिख रहा और पैसे भी नहीं मिले हैं तो क्या करें?
अगर आपकी पुरानी जानकारी गायब है और उसी समय आपकी छात्रवृत्ति की रकम भी नहीं मिली है, तो दोनों बातों को एक ही शिकायत में साफ-साफ बताना उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए पहले आपका आवेदन खाते में दिखाई देता था, लेकिन अब नहीं दिख रहा और इसी वजह से आप यह भी नहीं देख पा रहे हैं कि आवेदन किस हालत में है। अगर पैसे भी नहीं मिले हैं तो वह बात भी लिखें। इससे आपकी शिकायत केवल भुगतान की शिकायत नहीं रहेगी बल्कि पुरानी जानकारी से जुड़ी परेशानी भी सामने आएगी।
ऐसे मामले में सबसे पहले अपने पास मौजूद पुराने कागज और आवेदन संख्या देखें। फिर वेबसाइट पर शिकायत की सुविधा का इस्तेमाल करें। शिकायत की पावती या संख्या जरूर संभालकर रखें। इसके बाद अगर जरूरत हो तो 022-49150800 पर सहायता लेने की कोशिश करें। कॉलेज में भी बात करनी पड़े तो उन्हें बताएं कि आपने वेबसाइट पर शिकायत की है और आपकी शिकायत संख्या क्या है। इससे कॉलेज को भी आपकी बात समझने में आसानी हो सकती है।
यहां एक बात खास तौर पर समझना जरूरी है कि केवल पैसे न आने का मतलब हमेशा एक ही कारण नहीं होता। पैसा कॉलेज स्तर की जांच, आवेदन में कमी, बैंक से जुड़ी परेशानी, छात्रवृत्ति की शर्तों या वेबसाइट में दिखाई देने वाली जानकारी से जुड़ी अलग-अलग वजहों से रुक सकता है। इसलिए बिना जांच किए किसी एक कारण को पक्का मान लेना सही नहीं है। शिकायत का मकसद यही होना चाहिए कि आपके मामले की असली परेशानी सामने आए।
अगर प्रोफाइल लॉक है और पुराना आवेदन भी दिखाई नहीं दे रहा तो क्या करें?
अगर दोनों परेशानियां एक साथ हैं, यानी प्रोफाइल खुल नहीं रही और पुराना आवेदन भी दिखाई नहीं दे रहा, तो इसे छोटी समस्या मानकर छोड़ना ठीक नहीं होगा। पहले यह जांचें कि क्या आप सही खाते से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर फिर भी समस्या बनी हुई है, तो शिकायत वाली सुविधा का इस्तेमाल करें। शिकायत में दोनों बातें लिखें ताकि सामने वाले को पूरी स्थिति समझ में आए।
ऐसे मामले में पुरानी आवेदन संख्या और पंजीकृत मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बहुत काम की हो सकती है। अगर आपके पास पुराने आवेदन की तस्वीर है तो उसे भी संभालकर रखें। अगर शिकायत के साथ कोई कागज देने की जगह उपलब्ध हो तो जरूरत के अनुसार उसे लगाया जा सकता है। लेकिन हर कागज बिना जरूरत के भेजना जरूरी नहीं है। जो जानकारी आपकी परेशानी को समझने में मदद करे, वही दें।
अगर शिकायत के बाद भी आपको आगे क्या करना है यह समझ नहीं आ रहा है, तो सहायता नंबर पर बात करें। फोन पर बात करते समय शिकायत संख्या बताएं। इससे आपकी नई शिकायत शुरू करने के बजाय पहले से दर्ज मामले के बारे में बात की जा सकती है। मेरा मानना है कि ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी चीज धैर्य रखना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विद्यार्थी चुप बैठा रहे। सही जानकारी के साथ शिकायत करना और उसके बाद उसका पीछा करते रहना ज्यादा सही तरीका है।
क्या कॉलेज से भी मदद लेनी चाहिए?
हां, जरूरत पड़ने पर कॉलेज से मदद लेना भी ठीक है, खासकर अगर आपका छात्रवृत्ति आवेदन कॉलेज की तरफ से जांचा या आगे भेजा जाना था। वेबसाइट पर शिकायत करने के बाद कॉलेज के जिम्मेदार व्यक्ति को भी अपनी परेशानी बता सकते हैं। उन्हें यह बताएं कि वेबसाइट में पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है या आपकी प्रोफाइल में परेशानी है और आपने इसके लिए शिकायत भी की है।
कॉलेज में बात करते समय केवल मौखिक बात पर निर्भर न रहें। अगर आपके पास शिकायत संख्या है तो उसे दिखाएं। अगर पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है तो उसके पुराने कागज या तस्वीर भी दिखा सकते हैं। इससे कॉलेज को यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपका मामला नया आवेदन भरने का नहीं बल्कि पहले से मौजूद जानकारी से जुड़ा है।
लेकिन एक बात याद रखें, हर परेशानी का हल कॉलेज के पास ही हो, यह जरूरी नहीं है। अगर समस्या वेबसाइट के स्तर पर है तो कॉलेज भी आपको शिकायत वाली जगह पर जाने के लिए कह सकता है। ऐसी स्थिति में इसे टालना नहीं चाहिए। कॉलेज और शिकायत व्यवस्था, दोनों जगह सही जानकारी देने से आपके मामले को समझने में मदद मिल सकती है।
क्या पुराना डाटा नहीं दिखने पर नया आवेदन भर देना चाहिए?
मेरी राय में बिना वजह तुरंत नया आवेदन भरना सही नहीं है। पहले यह पता लगाना चाहिए कि पुराना आवेदन क्यों दिखाई नहीं दे रहा। अगर पहले से आवेदन मौजूद है और उसी के बारे में जानकारी गायब दिखाई दे रही है, तो नया आवेदन भरने से दो अलग जानकारी बन सकती है। इससे बाद में यह समझना मुश्किल हो सकता है कि सही आवेदन कौन सा है।
मान लीजिए आपने पिछले साल छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था और वह किसी वजह से आगे नहीं बढ़ा। अब वेबसाइट में बदलाव के बाद पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा। आप घबराकर नया आवेदन भर देते हैं। बाद में पुराना आवेदन वापस दिखाई देने लगे तो आपके खाते में दो आवेदन जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए पहले शिकायत करें, सहायता लें और जरूरत होने पर कॉलेज से पूछें कि नया आवेदन करना चाहिए या नहीं।
अगर किसी खास छात्रवृत्ति के लिए उसी समय नया आवेदन करना जरूरी बताया गया है, तो उस स्थिति में अलग बात हो सकती है। लेकिन केवल इसलिए कि पुराना आवेदन अभी दिखाई नहीं दे रहा, बिना जानकारी लिए नया आवेदन करना समझदारी नहीं है।
शिकायत करने के बाद कितने समय तक इंतजार करना चाहिए?
इसका एक ही जवाब हर विद्यार्थी के लिए नहीं हो सकता। अलग-अलग शिकायतों को देखने में अलग समय लग सकता है। किसी खाते की छोटी परेशानी जल्दी समझ में आ सकती है, जबकि पुराने आवेदन या पुराने डाटा से जुड़ी परेशानी में ज्यादा जांच की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए शिकायत करने के बाद तुरंत जवाब न आने पर यह मान लेना कि शिकायत बेकार हो गई है, सही नहीं है।
सबसे जरूरी बात यह है कि शिकायत करने के बाद उसकी संख्या या पावती संभालकर रखें। अगर काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलती और आपको आगे संपर्क करने की जरूरत पड़ती है, तो उसी शिकायत की जानकारी के साथ सहायता लें। इससे आपको अपनी पूरी बात फिर से शुरू से बताने की जरूरत कम पड़ सकती है।
मेरी सलाह यही है कि शिकायत करने के बाद बीच-बीच में अपनी जानकारी देखते रहें, लेकिन हर दिन कई नई शिकायतें भेजने की जरूरत नहीं है। अगर कोई नया संदेश या जवाब आता है तो उसे ध्यान से पढ़ें। कई बार समाधान के लिए विद्यार्थी से कुछ और जानकारी मांगी जा सकती है। ऐसे में उस जानकारी को सही तरीके से देना जरूरी होगा।
शिकायत करते समय विद्यार्थियों की सबसे आम गलतियां कौन सी हैं?
सबसे पहली गलती है बहुत कम जानकारी देना। “पैसा नहीं आया”, “खाता बंद है”, “आवेदन नहीं दिख रहा” जैसे दो-चार शब्द लिख देने से सामने वाले को पूरी समस्या समझने में मुश्किल हो सकती है। इसके बजाय बताएं कि आपका आवेदन कब किया गया था, पहले दिखाई देता था या नहीं, अभी क्या परेशानी आ रही है और उससे आपको क्या दिक्कत हो रही है। इससे शिकायत ज्यादा साफ बनेगी।
दूसरी बड़ी गलती है आवेदन संख्या और दूसरी जरूरी जानकारी संभालकर न रखना। विद्यार्थी अक्सर आवेदन करते समय केवल जमा करने पर ध्यान देता है और बाद में पावती खो देता है। जब परेशानी आती है तो पुराने आवेदन को पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसलिए आवेदन की जरूरी जानकारी शुरुआत से ही संभालकर रखना चाहिए।
तीसरी गलती है एक ही समस्या के लिए बार-बार अलग शिकायत करना। अगर पहले से शिकायत दर्ज है तो उसकी संख्या संभालें और उसी के आधार पर आगे बात करें। चौथी गलती है गलत जानकारी देना। नाम, मोबाइल नंबर, आवेदन संख्या या कॉलेज के नाम में गलती होने पर शिकायत को समझने में परेशानी हो सकती है।
पांचवीं गलती है अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना। छात्रवृत्ति की रकम रुकी होने पर विद्यार्थी जल्दी समाधान चाहता है और इसी जल्दबाजी में किसी भी फोन या संदेश पर भरोसा कर सकता है। अगर कोई आपसे पैसे मांगे, पासवर्ड मांगे या खाते की बेहद निजी जानकारी मांगे तो सावधान रहें। समस्या के कारण परेशान होना स्वाभाविक है, लेकिन इसी समय सबसे ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है।
शिकायत करने से पहले यह छोटी सूची जरूर देख लें
अगर आप MahaDBT पर पुराना डाटा न दिखने या प्रोफाइल बंद होने की शिकायत करने जा रहे हैं, तो पहले यह चीजें अपने पास रख लें:
- अपना नाम सही तरीके से लिखकर रखें।
- जिस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था उसका नाम पता रखें।
- पुरानी आवेदन संख्या हो तो उसे साथ रखें।
- कॉलेज का नाम और जरूरी जानकारी रखें।
- जिस मोबाइल नंबर से खाता जुड़ा था, वह याद रखें।
- पुराने आवेदन की पावती या तस्वीर हो तो संभालकर रखें।
- वेबसाइट पर दिखाई दे रही परेशानी की तस्वीर हो तो उसे भी रख सकते हैं।
- शिकायत जमा करने के बाद मिली शिकायत संख्या को जरूर बचाकर रखें।
- सहायता के लिए दिए गए 022-49150800 नंबर को भी लिखकर रखें।
- एक ही परेशानी के लिए बार-बार नई शिकायत भेजने से पहले पुरानी शिकायत की स्थिति देखें।
इन छोटी बातों को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में यही चीजें सबसे ज्यादा काम आती हैं। खासकर छात्रवृत्ति के मामले में पुरानी जानकारी बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए आवेदन करने के दिन से ही जरूरी जानकारी संभालकर रखना सबसे आसान बचाव है।
मेरी राय
मेरी निजी राय में MahaDBT पर शिकायत और सुझाव देने की अलग सुविधा होना विद्यार्थियों के लिए अच्छी बात है। खासकर तब जब वेबसाइट में बड़ा बदलाव हुआ हो और कुछ विद्यार्थियों को अपना पुराना आवेदन या पुरानी जानकारी दिखाई न दे रही हो। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी के पास कम से कम अपनी परेशानी बताने का एक साफ रास्ता रहता है। पहले कई बार विद्यार्थी को समझ ही नहीं आता था कि वेबसाइट में दिखाई दे रही परेशानी के बारे में किससे पूछा जाए। शिकायत की जगह और सहायता नंबर मिलने से कम से कम शुरुआत करने की दिशा साफ होती है।
लेकिन मैं यह भी मानता हूं कि केवल शिकायत की सुविधा बना देने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। विद्यार्थी के लिए यह भी जरूरी है कि शिकायत करने के बाद उसे अपनी शिकायत का आगे क्या हुआ, यह जानने का आसान रास्ता मिले। अगर किसी विद्यार्थी ने शिकायत कर दी और फिर कई दिनों तक उसे यह पता ही न चले कि शिकायत किसके पास गई, तो परेशानी बनी रहती है। इसलिए मेरी नजर में शिकायत संख्या, जवाब और आगे की जानकारी को साफ तरीके से दिखाना भी उतना ही जरूरी है।
विद्यार्थियों की तरफ से भी थोड़ी सावधानी जरूरी है। आवेदन भरते समय पावती संभालना, आवेदन संख्या लिखकर रखना, जरूरी कागज बचाकर रखना और वेबसाइट में कोई परेशानी आए तो उसकी तस्वीर ले लेना बहुत छोटी बातें हैं, लेकिन बाद में बहुत मदद करती हैं। मेरी सलाह हमेशा यही रहेगी कि छात्रवृत्ति का काम केवल आवेदन जमा करने तक सीमित न समझें। आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति देखते रहें और अगर कोई परेशानी दिखाई दे तो समय रहते पूछताछ करें।
अगर आपके पैसे इसी वजह से रुके हैं कि पुरानी जानकारी दिखाई नहीं दे रही या प्रोफाइल में परेशानी आ रही है, तो घबराकर नया आवेदन भरने या किसी अनजान व्यक्ति से मदद लेने के बजाय पहले शिकायत वाली सुविधा का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर 022-49150800 पर सहायता लेने की कोशिश करें और कॉलेज को भी अपनी स्थिति बताएं। सबसे जरूरी बात यह है कि आपकी शिकायत की कोई पावती या संख्या आपके पास जरूर रहे।
शिकायत करने से रुकी हुई छात्रवृत्ति की रकम तुरंत मिल जाएगी?
नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। शिकायत करने का मतलब यह है कि आपकी परेशानी संबंधित जगह तक पहुंचाई गई है। इसके बाद आपके मामले को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि समस्या कहां है। अगर पुराना डाटा नहीं दिख रहा है तो पहले उस जानकारी को देखने की जरूरत हो सकती है। अगर प्रोफाइल में परेशानी है तो खाते से जुड़ी जांच हो सकती है। इसलिए शिकायत और पैसे मिलने के बीच कुछ समय लग सकता है।
यह भी हो सकता है कि आपकी रकम रुकने का कारण केवल वेबसाइट न हो। आवेदन की जांच, कॉलेज की तरफ से बाकी काम, बैंक से जुड़ी परेशानी या दूसरी वजह भी हो सकती है। इसलिए शिकायत में केवल पैसे न आने की बात न लिखें। अगर आपको लगता है कि वेबसाइट में बदलाव के बाद आपका पुराना आवेदन ही दिखाई नहीं दे रहा, तो इस बात को भी साफ लिखें।
शिकायत करने के लिए कॉलेज जाना जरूरी है?
हर मामले में कॉलेज जाना जरूरी हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता। अगर आपकी परेशानी वेबसाइट पर पुराना डाटा दिखाई न देने या प्रोफाइल में समस्या से जुड़ी है, तो शिकायत वाली सुविधा और सहायता नंबर का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर आपका आवेदन कॉलेज की जांच या आगे की कार्रवाई पर रुका हुआ है, तो कॉलेज से बात करना भी जरूरी हो सकता है।
इसलिए दोनों जगहों की भूमिका अलग हो सकती है। वेबसाइट से जुड़ी परेशानी के लिए शिकायत व्यवस्था मदद कर सकती है और कॉलेज से जुड़ी परेशानी के लिए कॉलेज प्रशासन से बात करनी पड़ सकती है। अगर आपको पता नहीं है कि समस्या कहां है, तो पहले शिकायत करके जानकारी लेना एक अच्छा कदम हो सकता है।
अगर शिकायत का जवाब नहीं आता तो क्या करें?
अगर आपने शिकायत दर्ज कर दी है और काफी समय तक कोई जवाब नहीं मिलता, तो सबसे पहले अपनी शिकायत संख्या देखें। उसी जानकारी के आधार पर सहायता लेने की कोशिश करें। 022-49150800 पर संपर्क करते समय अपनी शिकायत संख्या बताएं और समस्या दोबारा साफ शब्दों में समझाएं।
अगर कॉलेज को भी इस मामले में भूमिका निभानी है तो वहां भी अपनी शिकायत संख्या दिखाएं। इस तरह आप यह साबित कर सकते हैं कि आपने अपनी तरफ से समस्या बताई है और अब उसके हल का इंतजार कर रहे हैं। एक ही बात के लिए बार-बार नई शिकायत भेजने के बजाय पहले वाली शिकायत के बारे में जानकारी लेना ज्यादा अच्छा तरीका है।
अगर पुराना आवेदन वापस दिखाई देने लगे तो क्या करना चाहिए?
अगर शिकायत के बाद या बाद में आपका पुराना आवेदन फिर से दिखाई देने लगे, तो सबसे पहले उसकी जानकारी ध्यान से देखें। आवेदन की स्थिति क्या है, कोई कमी बताई गई है या नहीं, कॉलेज की तरफ से कुछ बाकी है या नहीं, यह सब देखना जरूरी है। केवल आवेदन दिखाई देने लगा है, इसलिए यह मान लेना कि पूरी समस्या खत्म हो गई है, सही नहीं होगा।
अगर आवेदन में कोई नई सूचना दिखाई दे रही है तो उसे ध्यान से पढ़ें। अगर किसी जगह से कुछ जमा करने या सुधार करने को कहा गया है, तो समय रहते वह काम करें। साथ ही पुराने आवेदन की जानकारी का चित्र लेकर अपने पास रखना भी अच्छा रहेगा, ताकि भविष्य में फिर से कोई परेशानी आए तो आपके पास पुरानी जानकारी मौजूद हो।
क्या शिकायत में बैंक खाते की पूरी जानकारी देनी चाहिए?
नहीं, जितनी जानकारी मांगी जाए उतनी ही दें। बिना जरूरत बैंक खाते की पूरी जानकारी, पासवर्ड, गुप्त संख्या या दूसरी निजी जानकारी किसी शिकायत में नहीं डालनी चाहिए। अगर छात्रवृत्ति की रकम से जुड़ी परेशानी है तो शिकायत में यह बताना काफी हो सकता है कि रकम नहीं मिली है और आवेदन की जानकारी भी दिखाई नहीं दे रही है।
अगर किसी सरकारी व्यवस्था की तरफ से कोई खास जानकारी मांगी जाती है, तो उसे सही जगह पर ही दें। किसी अनजान व्यक्ति के फोन, संदेश या निजी खाते में अपनी जानकारी भेजने से बचें। छात्रवृत्ति के मामले में जल्द समाधान की इच्छा स्वाभाविक है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए।
क्या MahaDBT पर शिकायत और सुझाव दोनों दिए जा सकते हैं?
हां, नई सुविधा का नाम ही Grievance and Suggestions System है, यानी इसमें परेशानी बताने के साथ सुझाव देने की सुविधा भी रखी गई है। विद्यार्थी अगर किसी परेशानी का सामना कर रहा है तो उसे शिकायत के रूप में बता सकता है। अगर उसे लगता है कि वेबसाइट में किसी जगह सुधार की जरूरत है तो सुझाव भी दिया जा सकता है।
हालांकि अगर आपकी छात्रवृत्ति की रकम रुकी हुई है या पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है, तो इसे केवल सुझाव की तरह लिखने के बजाय अपनी वास्तविक परेशानी के रूप में बताना ज्यादा सही रहेगा। इससे मामला स्पष्ट रहेगा और सामने वाले को यह समझ आएगा कि आपको किस तरह की मदद चाहिए।
FAQ
1. MahaDBT पर नई शिकायत वाली सुविधा क्यों शुरू की गई है?
इस सुविधा का मकसद विद्यार्थियों को अपनी परेशानी बताने का एक रास्ता देना है। खासकर अगर वेबसाइट में बदलाव के बाद पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है या प्रोफाइल में परेशानी आ रही है, तो विद्यार्थी अपनी बात शिकायत के रूप में रख सकता है। इससे हर समस्या के लिए केवल इधर-उधर पूछने की जरूरत कम हो सकती है।
2. मेरा पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा, क्या वह मिट गया है?
ऐसा जरूरी नहीं है। पुरानी जानकारी दिखाई न देने का मतलब यह पक्का नहीं है कि आवेदन हमेशा के लिए मिट गया है। वेबसाइट में बदलाव के बाद जानकारी दिखने में परेशानी हो सकती है। पहले शिकायत करें और उपलब्ध पुरानी जानकारी के आधार पर अपने मामले की जांच करवाने की कोशिश करें।
3. मेरी प्रोफाइल बंद हो गई है तो क्या करूं?
अगर प्रोफाइल पहले खुल रही थी और अब नहीं खुल रही, तो पहले सही खाते से प्रवेश करने की कोशिश करें। अगर समस्या बनी रहती है तो शिकायत वाली सुविधा का इस्तेमाल करें। शिकायत में यह साफ बताएं कि पहले प्रोफाइल काम कर रही थी और अब किस तरह की परेशानी आ रही है।
4. शिकायत करने के लिए कौन सा नंबर दिया गया है?
MahaDBT से जुड़ी सहायता के लिए 022-49150800 नंबर दिया गया है। संपर्क करते समय अपनी आवेदन संख्या और दूसरी जरूरी जानकारी पास में रखें, ताकि अपनी परेशानी ठीक से बता सकें।
5. क्या शिकायत करने के बाद तुरंत पैसा मिल जाएगा?
नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। शिकायत करने के बाद पहले यह पता लगाया जा सकता है कि समस्या किस वजह से हुई है। अगर रकम रुकने का कारण कोई दूसरी कमी है, तो उसे भी पूरा करना पड़ सकता है। इसलिए शिकायत को समस्या बताने का पहला कदम समझें, पैसे मिलने की तुरंत गारंटी नहीं।
6. क्या मुझे पुराना आवेदन दिखाई नहीं देने पर नया आवेदन भर देना चाहिए?
बिना जानकारी लिए तुरंत नया आवेदन भरना सही नहीं है। पहले यह पता करें कि पुराना आवेदन क्यों दिखाई नहीं दे रहा। अगर पहले से आवेदन मौजूद है तो नया आवेदन करने से बाद में दोहरी जानकारी की परेशानी हो सकती है।
7. शिकायत करते समय आवेदन संख्या जरूरी है?
अगर आपके पास आवेदन संख्या है तो उसे जरूर रखें और जहां मांगी जाए वहां सही जानकारी दें। अगर आवेदन संख्या नहीं है तो उपलब्ध दूसरी जानकारी के आधार पर शिकायत करने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन पुरानी आवेदन संख्या होने पर मामले को पहचानना आसान हो सकता है।
8. क्या कॉलेज को भी अपनी परेशानी बतानी चाहिए?
अगर आपकी छात्रवृत्ति से जुड़ा कोई काम कॉलेज की तरफ से होना है, तो कॉलेज को भी बताना अच्छा रहेगा। खासकर अगर आपने शिकायत कर दी है तो शिकायत संख्या कॉलेज को दिखा सकते हैं। इससे कॉलेज को आपकी परेशानी समझने में मदद मिल सकती है।
9. शिकायत जमा करने के बाद क्या संभालकर रखना चाहिए?
सबसे जरूरी है शिकायत संख्या या पावती। इसके अलावा आपने शिकायत में क्या लिखा था, उसकी तस्वीर भी रख सकते हैं। अगर पुराना आवेदन, आवेदन संख्या या कोई जरूरी कागज है तो उसे भी संभालकर रखें।
10. क्या एक ही परेशानी के लिए कई शिकायतें भेजनी चाहिए?
आमतौर पर ऐसा करना सही नहीं है। अगर पहले से शिकायत दर्ज है तो उसकी संख्या के आधार पर आगे जानकारी लेने की कोशिश करें। एक ही समस्या की बहुत सारी शिकायतें करने से मामला साफ होने के बजाय उलझ सकता है।
11. क्या शिकायत में अपनी पूरी बैंक जानकारी देनी चाहिए?
बिना जरूरत अपनी पूरी बैंक जानकारी नहीं देनी चाहिए। जितनी जानकारी मांगी जाए उतनी ही दें और अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा रखें। किसी अनजान व्यक्ति को फोन या संदेश पर बैंक की गुप्त जानकारी बिल्कुल न दें।
12. अगर शिकायत का जवाब देर से आए तो क्या करें?
अपनी शिकायत संख्या संभालकर रखें और जरूरत पड़ने पर सहायता नंबर पर उसी संख्या के साथ संपर्क करें। अगर कॉलेज की भूमिका है तो कॉलेज को भी जानकारी दें। सबसे अच्छा तरीका यह है कि पुरानी शिकायत के बारे में जानकारी ली जाए, हर बार नई शिकायत न बनाई जाए।
13. क्या पुराना डाटा वापस दिखाई देने पर भी शिकायत बंद कर देनी चाहिए?
अगर आपकी परेशानी पूरी तरह ठीक हो गई है तो अपनी जानकारी दोबारा जांच लें। आवेदन की स्थिति, नाम और बाकी जानकारी सही दिखाई दे रही है या नहीं, यह जरूर देखें। केवल पुराना आवेदन दिखाई देने से यह न मानें कि छात्रवृत्ति का पूरा काम खत्म हो गया है।
14. क्या इस सुविधा में सुझाव भी दिया जा सकता है?
हां, सुविधा का नाम ही Grievance and Suggestions System है। इसमें वेबसाइट या छात्रवृत्ति से जुड़ी परेशानी बताने के साथ सुझाव देने की सुविधा भी है। लेकिन अगर आपका पैसा रुका है या आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है तो उसे साफ तौर पर शिकायत के रूप में बताना ज्यादा सही रहेगा।
15. सबसे जरूरी बात क्या याद रखनी चाहिए?
सबसे जरूरी बात यह है कि अगर वेबसाइट में बदलाव के बाद आपका पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा या प्रोफाइल में परेशानी है, तो घबराकर नया आवेदन या गलत जानकारी देने की जल्दबाजी न करें। पहले शिकायत दर्ज करें, शिकायत संख्या संभालें, जरूरत पड़ने पर 022-49150800 पर संपर्क करें और कॉलेज को भी अपनी स्थिति बताएं।
निष्कर्ष
MahaDBT पर Grievance and Suggestions System शुरू होना उन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर काम की सुविधा हो सकती है जिन्हें वेबसाइट में बदलाव के बाद पुराना डाटा दिखाई नहीं दे रहा है या अपनी प्रोफाइल में परेशानी आ रही है। ऐसी स्थिति में सबसे पहली जरूरत यह है कि विद्यार्थी घबराकर कोई गलत कदम न उठाए। पुराना आवेदन दिखाई नहीं दे रहा है तो तुरंत नया आवेदन भर देना, किसी अनजान व्यक्ति से मदद लेना या बार-बार अलग शिकायत भेजना सही तरीका नहीं है। पहले अपनी पुरानी जानकारी संभालें, समस्या को ठीक से समझें और फिर शिकायत दर्ज करें।
अगर आपकी परेशानी पुरानी जानकारी के गायब होने या प्रोफाइल बंद होने से जुड़ी है, तो शिकायत में पूरी बात साफ लिखें। आपके पास आवेदन संख्या, कॉलेज का नाम, छात्रवृत्ति का नाम और पुराने आवेदन की पावती जैसी जानकारी हो तो उसे संभालकर रखें। शिकायत जमा करने के बाद मिली संख्या या पावती को बिल्कुल न खोएं। आगे जरूरत पड़ने पर इसी के आधार पर अपनी बात आगे रखी जा सकती है।
साथ ही, जरूरत पड़ने पर 022-49150800 पर सहायता लेने की कोशिश करें और अगर आपके आवेदन में कॉलेज की तरफ से कोई काम बाकी है तो कॉलेज से भी संपर्क करें। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी व्यक्ति को बिना जरूरत अपनी निजी जानकारी न दें और पैसे देकर छात्रवृत्ति की समस्या ठीक करवाने जैसे दावों से सावधान रहें। सही जानकारी के साथ शिकायत करना, शिकायत की पावती संभालना और उसके बाद अपने मामले की जानकारी लेते रहना ही इस समय सबसे सुरक्षित और समझदारी वाला तरीका है।
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